उत्तराखंड सरकार निर्यात को बढ़ावा देने और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठा रही है। नई नीति के तहत युवाओं को आधुनिक तकनीक, उत्पाद विकास और गुणवत्ता सुधार का प्रशिक्षण मिलेगा।

देहरादून। राज्य सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने के साथ बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल शुरू की है। सरकार अब केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि युवाओं को नवाचार और कौशल विकास से जोड़कर उन्हें सफल उद्यमी बनाने पर जोर दे रही है।

इससे उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा। इस पहल के तहत राज्य निर्यात नीति के अंतर्गत युवाओं को आधुनिक तकनीक, उत्पाद विकास, गुणवत्ता सुधार और वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि कौशल और शोध आधारित प्रशिक्षण से युवाओं की उत्पादकता बढ़ेगी और वे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। इससे प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान मिल सकेगी। साथ ही, युवाओं को अपने उत्पादों के लिए बेहतर मूल्य मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

उद्योग विभाग के अनुसार, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे युवाओं को वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा सके। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को उद्यमिता से जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित करना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

निर्यात नीति के तहत वित्तीय प्रोत्साहन

उद्योग विभाग ने निर्यात सेक्टर में युवाओं के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन के प्रविधान तय किए हैं। इसके तहत 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही भूमि और भूमि परिवर्तन लागत की प्रतिपूर्ति, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा वैश्विक प्रमाणन के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर युवा अपने स्थानीय उत्पादों को निर्यात सेक्टर से जोड़ सकेंगे। इससे उनके उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा और उन्हें बेहतर कीमत मिल सकेगी।

‘उद्योग विभाग की निर्यात नीति को युवाओं से जोड़ा गया है ताकि युवा न केवल स्वरोजगार प्रारंभ करें बल्कि अपने गुणवत्तापूर्ण उत्पादों देश-विदेशों को निर्यात करें। युवाओं के लिए योजना बेहद लाभकारी है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य के निर्यात को भी नई गति मिलेगी।’

– विनय शंकर पांडेय, सचिव उद्योग/B

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