पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर देहरादून में होने वाले कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन को अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी समर्थन मिल गया है। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन (जीपीडब्ल्यूओ) ने सक्रिय भागीदारी का निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री आवास घेराव में शामिल होने की घोषणा की है।

मांग को लेकर रविवार को देहरादून में होने वाले कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन को अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी साथ मिल गया है।

गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन (जीपीडब्ल्यूओ) ने आंदोलन का समर्थन करते हुए इसमें सक्रिय भागीदारी का निर्णय लिया है। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आज प्रस्तावित पेंशन मार्च और मुख्यमंत्री आवास घेराव को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्य में प्रदेशभर से कर्मचारी दून पहुंच गए हैं।

राज्यभर के कर्मचारी और शिक्षक रविवार को देहरादून में एक दिवसीय धरना देने के साथ मुख्यमंत्री आवास घेराव करेंगे। जीपीडब्ल्यूओ के प्रांतीय अध्यक्ष चौधरी ओमबीर सिंह और महामंत्री जेपी चाहर ने बताया कि संगठन आंदोलन में अपनी मार्गदर्शक भूमिका निभाते हुए कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ खड़ा रहेगा।उन्होंने बताया कि प्रदेशभर से आने वाले पेंशनर्स विकास भवन में एकत्र होंगे। यहां से ””पुरानी पेंशन बहाल करो”” के नारे लगाते हुए रैली के रूप में धरना स्थल तक पहुंचेंगे। जीपीडब्ल्यूओ के महामंत्री जेपी चाहर ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारी की वर्षों की सेवा के दौरान अर्जित अधिकार है। इसे वर्ष 2004 से एनपीएस लागू कर बंद कर दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब वित्त विधेयक 2025 की आड़ में वर्तमान पुरानी पेंशन व्यवस्था को भी समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की पेंशन संबंधी नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों और पेंशनर्स को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। आंदोलन की तैयारियों को लेकर शनिवार देर शाम जीपीडब्ल्यूओ की बैठक हुई।

इसमें प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ओमबीर सिंह, दिनेश जोशी, ठाकुर शेर सिंह थापली, विजेंद्र कुमार, दीप चंद शर्मा, पीसी खंतवाल और ललित मोहन उनियाल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने भी आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया है

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