मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उधमसिंह नगर के एसएसपी को बेलगाम डंपरों पर तत्काल रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को मिलकर प्रभावी कार्रवाई करने, केवल चालान तक सीमित न रहने को कहा।

यह निर्देश उन परिवारों के लिए राहत लेकर आए हैं जिन्होंने डंपर हादसों में अपने प्रियजनों को खोया है। दैनिक जागरण के अभियान के बाद मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाया है, जिससे अब ठोस कार्रवाई की उम्मीद है।

खटीमा। कप्तान साहब बेलगाम डंपरो को तुरंत रोकिए और जो भी इनके जिम्मेदार हैं, उनकी जवाबदेही तय कीजिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जिले के एसएसपी को दी गई इस कड़ी हिदायत पुलिस के लिए तो स्पष्ट संदेश है ही,

साथ ही इसने उन परिवारों के जख्मों पर भी कुछ मरहम जरूर लगाया होगा, जिनके अपने पिछले कुछ समय में तेज रफ्तार डंपरों के नीचे आकर काल के गाल में समा गए।

जिला उधमसिंह नगर में खनिज सामग्री ढोने वाले डंपरों की तेज रफ्तार ने बीते कुछ समय में कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। एक के बाद एक हादसों ने लोगों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर इन ओवरलोड और बेलगाम डंपरों पर लगाम क्यों नहीं लग रही।

इस मुद्दे पर चलाए गए लगातार अभियान ने प्रशासन को झकझोरने का काम किया। पीड़ित परिवारों की पीड़ा और हादसों की सच्चाई जब लगातार सामने आई, तो मामला सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा। इसका असर यह हुआ कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिले के नवनियुक्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति कुम्भार को आज अपने यहां स्थित निजी आवास पर इस बाबत कड़े निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने एससपी को सख्त हिदायत दी कि खनिज से लदे ओवरलोड डंपरों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर सख्त अभियान चलाएं। केवल चालान काटने की औपचारिकता न हो, बल्कि नियमित जांच, निगरानी और प्रभावी कार्रवाई हो।

बताते चलें कि जिले में डंपरों के कारण हुए हादसों की तस्वीर बेहद दर्दनाक रही है। कहीं कमाऊ बेटा चला गया, कहीं पिता की मौत ने बच्चों को असहाय कर दिया, तो कहीं बुजुर्ग माता-पिता अपने सहारे से वंचित हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई डंपर तय सीमा से अधिक खनिज लादकर तेज गति से चलते हैं। निर्धारित समय और मार्ग के नियमों का पालन अक्सर नहीं होता।

जन सरोकार के इस विषय को लगातार खबरों के अभियान के रूप में बदलकर इसे जनचिंता का मुद्दा बना दिया और अंततः यह सत्ता के शीर्ष बैठे लोगों के लिए भी चिंता का विषय बन गया।

मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद अब उम्मीद जगी है कि प्रशासन ठोस कदम उठाएगा। संयुक्त अभियान की बात सामने आई है, जिसमें ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और नियमों के उल्लंघन पर विशेष नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश तो वाकई सख्त हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *