विकासनगर (देहरादून)। सेलाकुई में तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ की आड़ में चल रहे ठगी के एक बड़े खेल का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। खुद को ‘महंत’ बताने वाला एक ढोंगी पुजारी साधारण परिवारों को भूत-प्रेत और अनिष्ट का डर दिखाकर उनके जीवन की गाढ़ी कमाई लूट रहा था।

सेलाकुई पुलिस ने इस शातिर आरोपित राहुल थापा को गिरफ्तार कर उसके पास से आभूषणों को गलाकर बनाया गया 150 ग्राम सोने का बिस्कुट और 5 लाख रुपये नगद बरामद किए हैं।

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपित की ठगी का तरीका बेहद शातिर था। वह पहले चुपके से शिकार के घर में टोने-टोटके का सामान फेंक देता था और फिर खुद ही संकटमोचक बनकर एंट्री लेता था। पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

ऐसे बुना जाता था ठगी का जाल

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित राहुल थापा लोगों के घरों के बाहर या आंगन में सिंदूर, नींबू और अजीबोगरीब सामग्री वाली ‘जादू-टोने की पोटली’ फेंक देता था।

सुबह जब घरवाले इसे देखकर डर जाते थे, तब आरोपित उन्हें बताता था कि उनके परिवार पर किसी ने ‘भारी तांत्रिक क्रिया’ कर दी है और जल्द ही कोई बड़ी अनहोनी होने वाली है। इसी डर का फायदा उठाकर वह घर में शुद्धिकरण अनुष्ठान के नाम पर दाखिल होता था।

ढाई महीने तक सम्मोहन और डर का खेल

शहीद किशन थापा मार्ग निवासी पीड़िता ओशीन गुरुंग ने पुलिस को बताया कि ढाई महीने पहले आरोपित ने उनके पूरे परिवार को भारी संकट का डर दिखाया था। निवारण पूजा के नाम पर उसने घर के सारे जेवर एक जगह रखवाए और नजर बचाकर गायब कर दिए।परिवार अंधविश्वास के फेर में ऐसा उलझा कि उन्हें काफी समय बाद अहसास हुआ कि उनके साथ 65 तोले सोने की बड़ी ठगी हो चुकी है। 31 मई को तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपित को दबोचा।

गला दिए जेवर, पुलिस ने उगली रकम

एसएसपी के निर्देश पर थानाध्यक्ष लोकपाल परमार और एसओजी की संयुक्त टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया।

उसने कुबूल किया कि पकड़े जाने के डर से उसने चोरी के सारे जेवर जौहरी के पास गलाकर 150 ग्राम का सोने का बिस्कुट बनवा लिया था और बाकी के जेवर बेच दिए थे। पुलिस ने उसके पास से बची हुई पांच लाख रुपये की नगदी भी बरामद कर ली है।

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