देहरादून– मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ व्यापक अभियान लगातार जारी है। प्राधिकरण ने सेक्टरवार टीमों का गठन कर प्रत्येक दिन निरीक्षण और कार्रवाई सुनिश्चित की है, जिससे शहर के नियोजित विकास को गति मिल सके और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

एमडीडीए के अधिकारियों के निर्देशों के तहत मेहुवाला माफी, राजपुर, जाखन तथा कुठाल गेट डोईवाला क्षेत्रों में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की गई, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया।

प्राधिकरण द्वारा जाखन जोहड़ी रोड के निकट एसबीआई के पास मनीष कौशल द्वारा निर्मित अवैध बहुमंजिला भवन को सील किया गया। इसके अतिरिक्त, कुठाल गेट क्षेत्र में भी दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। दिलशाद हुसैन द्वारा बेस्ट ग्रीन वैली, मसूरी रोड के निकट किए गए अवैध निर्माण को सील किया गया।

वहीं, कुलदीप सलूजा द्वारा कुठाल गेट के समीप किए गए दो अवैध निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन सभी कार्रवाइयों को सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता सचिन कुमार एवं सुपरवाइजर की मौजूदगी में विधिवत अंजाम दिया गया।एमडीडीए ने मेहुवाला माफी क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृत मानचित्र के की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।

यह प्लॉटिंग सुरेश कुमार एवं अन्य द्वारा दुर्गा विहार कॉलोनी के निकट विकसित की जा रही थी। इस कार्रवाई को सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में अंजाम दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग में संलिप्त लोगों में स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के संतुलित और सुव्यवस्थित विकास के लिए यह आवश्यक है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही किए जाएं।

उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा सेक्टरवार टीमों का गठन कर नियमित निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहर की संरचना को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं।

इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें और नियमों का पालन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों से सम्बन्धित गतिविधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है और प्रकरणों पर नियमानुसार तत्काल प्रभाव से सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहर का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए आम नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अवैध प्लॉटिंग या निर्माण में शामिल न हों और गतिविधि की सूचना प्राधिकरण को दें।

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