टनकपुर: कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के भक्तों का पहला जत्था शनिवार 04 जुलाई को दिल्ली से उत्तराखंड पहुंचा. पहले जत्थे में 49 श्रद्धालु शामिल हैं. शनिवार शाम को टनकपुर आरटीसी (Tourist Rest House Camp) में बाबा भोले के भक्तों का भव्य स्वागत किया गया. सभी श्रद्धालु टनकपुर टूरिस्ट गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद रविवार 05 जुलाई सुबह सीएम पुष्कर सिंह धामी सभी भक्तों से मुलाकात करेंगे और उनकी गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर आगे की यात्रा पर रवाना करेंगे.
कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के गेस्ट हाउस के कर्मचारियों ने यात्रियों की अगवानी कुमाऊं संस्कृति की पारंपरिक झोलिया नृत्य से की. यात्रियों को वेलकम ड्रिंक के रूप में बुरांस व मौसमी का जूस सर्व किया गया. पहले दल में उत्तराखंड सहित कर्नाटक, राजस्थान, दिल्ली, बेंगलूरु, आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश सहित कुल 13 राज्यों से तीर्थ यात्री टनकपुर पहुंचे.इस अवसर पर सभी तीर्थ यात्री उत्तराखंड सरकार व कुमाऊं मंडल विकास निगम की व्यवस्थाओं और स्वागत से अभिभूत नजर आए. इस दल में सबसे कम उम्र के रूप तीर्थ यात्री के रूप में गुजरात के हरि कृष्णा हैं, जिनकी उम्र मात्र 21 वर्ष है. इस अवसर पर हरि कृष्णा ने कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं कि पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए उन्हें मौका मिला है. वह ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि उन्हें बार-बार इस यात्रा में आने का अवसर मिले.वहीं, सबसे अधिक उम्र के 68 वर्षीय राजस्थान निवासी तीर्थयात्री भी इस दल में शामिल रहे. सभी तीर्थ यात्री बाबा की इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए बेहद रोमांचित नजर आए. साथ ही उन्होंने भोले बाबा का आभार जताया.इस यात्रा के संयोजक व कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम मनीष कुमार सिंह ने बताया कि,कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के पहले दल में कुल 49 तीर्थ यात्री टनकपुर पहुंचे हैं. रविवार सुबह प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी तीर्थ यात्रियों से मुलाकात कर उनको अगले पड़ाव के लिए हरी झंडी दिखाएंगे. कैलाश मानसरोवर यात्रा में यात्रियों की यात्रा व्यवस्थाओं ट्रांसपोर्टेशन खानपान सहित सभी व्यवस्थाओं को कुमाऊं मंडल विकास निगम देख रहा है. यात्रियों के लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं की गई है. सभी तीर्थ यात्री KMVN के ब्रांड एंबेसडर हैं. वह इस यात्रा का एक बेहतर अनुभव लेकर जाएंगे.बता दें कि, इस वर्ष 4 जुलाई से शुरू यात्रा 16 अगस्त तक संचालित होगी और कुल 10 दलों में करीब 500 श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा करेंगे. इस यात्रा को शुरू कर टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़, धारचुला, गूंजी और लिपुलेख होते हुए यात्री कैलाश मानसरोवर पहुंचेंगे. सभी यात्रियों की यात्रा सुविधाओं बेहतरीन रूप से किया गया है.देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, राजस्थान से सबसे अधिक: पहले दल में कुल 49 श्रद्धालु शामिल हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों से आए हैं. इनमें राजस्थान से सबसे अधिक 13 श्रद्धालु हैं. महाराष्ट्र से 9, दिल्ली से 7, उत्तर प्रदेश से 5, गुजरात, हरियाणा और तमिलनाडु से 3-3, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से 2-2 तथा उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना से 1-1 श्रद्धालु इस दल का हिस्सा हैं. पहले दल के लाइजनिंग ऑफिसर वंदना चौधरी (दिल्ली) और ऋषभ देव (झारखंड) बनाए गए हैं, जो पूरी यात्रा के दौरान दल का समन्वय और मार्गदर्शन करेंगे.आस्था की परीक्षा: हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से होकर गुजरने वाली यह यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था की कठिन परीक्षा लेती है. मॉनसून के दौरान कुमाऊं में जिस तरह से लगातार बारिश होने की संभावना है, उसके लिए भी प्रशासन पूरी तरह से तैयार है.जिलाधिकारी आशीष भटगाईं की मानें तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा का सफल संचालन सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आस्था का यह सफर सुरक्षित व्यवस्थित और यादगार बन सके. आपको बता दें कि फिलहाल कुमाऊं में बारिश के कारण कई सड़कें अभी बंद हैं. कई सड़कों पर मलबा आया हुआ है जिनको खोलने की कवायद जारी है. उम्मीद है 5 जुलाई को जब यात्रा शुरू होगी तो सब तैयारियों के मुताबिक होगा ताकि भक्त अपने साथ एक बेहतर अनुभव लेकर जाएं.
